Latest News

क्या है अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन ?? ममता का मेगा शो हो सकता है फ्लॉप

January 22nd, 2019 at 6:22 am by Anmol Gupta

हम सभी जानते है लोकसभा चुनाव की राजनीती अभी चरंम पर है और ऐसी राजनीती में ममता दीदी का मेगा शो जिसने बीजेपी को झकझोर दिया है इसी बीच अब बंगाल में अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन जो ममता दीदी को फ्लॉप करने जुट गया है,

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार को मालदा जिले में जनसभा करेंगे, इसके बाद 23 जनवरी को झारग्राम और बीरभूम में रैली करेेंगे. तो वहीं 24 जनवरी को नादिया और दक्षिण 24 परगना में रैली को संबोधित करेंगे.

कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के बाद, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में दस्तक देने जा रहे हैं. पिछले कुछ समय से बीजेपी पश्चिम बंगाल में बेहद आक्रामक रही है और खुद को मुख्य विपक्षी दल के तौर पर राज्य में स्थापित भी किया है. दरअसल आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए जो योजना बनाई है उसमें देश के पूर्वी हिस्से के राज्यों की अहम भूमिका है. राजनीतिक विमर्शों में बीजेपी के इस अभियान को लुक-ईस्ट रणनीति कहा जा रहा है.

बीजेपी ने क्यों बदली रणनीति?

साल 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी की चुनावी रणनीति में उत्तर भारत प्रमुखता से था और वाराणसी इसका केंद्र था. इन चुनावों में बीजेपी ने उत्तर और पश्चिम भारत से सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं. लेकिन 2019 में बदले सियासी समीकरण में बीजेपी अपनी रणनीति बदलते हुए दिख रही है और पार्टी ने अपना ध्यान पूर्वी और पूर्वोत्तर के राज्यों पर केंद्रित किया है. हालांकि उत्तर भारत या हिंदी पट्टी के राज्यों से अभी भी बीजेपी को सबसे ज्यादा सांसदों के जीतने की उम्मीद है. लेकिन 2014 में अपने प्रदर्शन के चरम पर पहुंचने वाली बीजेपी भी जानती है कि 2019 में इस प्रदर्शन को दोहराना मुश्किल है.

लोकसभा चुनाव में हार के बाद एक के बाद एक कई राज्यों में हार चुकी कांग्रेस पार्टी ने पिछले एक साल में जबरदस्त वापसी की है. इसका जीता जागता उदाहरण मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत है. सीटों के लिहाज से देश सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में 2 बड़े क्षेत्रीय दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के ऐलान के बाद बीजेपी के लिए राजनीतिक हालात मुश्किल हुए हैं. पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी पिछले चुनाव में अपने चरम पर थी. लेकिन महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना आए दिन आंखें दिखा रही है तो वहीं गुजरात में कांग्रेस पिछले 2 दशक में सबसे मजबूत स्थिति में खड़ी है. लिहाजा बीजेपी के लिए यहां भी अपना प्रदर्शन दोहराना मुश्किल होता दिख रहा है.

दक्षिण भारत की बात करें तो पिछले आम चुनाव में टीडीपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ी बीजेपी को गैर विभाजित आंध्र प्रदेश में गठबंधन का फायदा मिला था. लेकिन अब टीडीपी बीजेपी के साथ नहीं है. तेलंगाना और तमिलनाडु में बीजेपी अभी भी कोई जगह नहीं बना पाई है. बीजेपी ने थोड़ी-बहुत पकड़ केरल में जरूर मजबूत की है और यहां पार्टी 1-2 सीट जीतने की उम्मीद कर सकती है. लिहाजा दक्षिण भारत में कुल मिलाकर कर्नाटक ही ऐसा राज्य है जहां बीजेपी की पकड़ मजबूत है लेकिन यहां भी पार्टी का मुकाबला एकजुट कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन से होना है.

Anmol Gupta January 22, 2019 6:22 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *