चुनाव से पहले सपाक्स के तेवर, किसी को नही मिलेगा आरक्षण
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चुनाव से पहले सपाक्स के तेवर, किसी को नही मिलेगा आरक्षण

October 4th, 2018 at 6:07 am by Yogesh Dwivedi

दो अक्टबर को अस्तित्व में आई सपाक्स पार्टी ने चुनाव से पहले किसी भी वर्ग को आरक्षण नहीं देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने भाजपा पर इस तरह की अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया है।दरअसल,  पार्टी के महासचिव हरिओम गुप्ता ने सोशल मीडिया पर चल रही आरक्षण के प्रति फेल रही खबरों का खंडन किया है जिसमें सपाक्स पार्टी द्वारा ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने इसके लिए भाजपा पर गंभीर आरोप भी लगाए  है।  उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार की साजिश है जो सभी वर्गों के हितों के लिए बनी सपाक्स पार्टी में फूट डालने का काम कर रही है। सपाक्स ने केवल आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का वादा किया है, जिसकी मांग पार्टी बनने के पूर्व से ही की जा रही है।

देश में पहले कांग्रेस और अब भाजपा फूट डालों राज करो की ​नीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा ने तो दूसरी पार्टियों के नेताओं को आयातीत करने का अभियान चला रखा है। सपाक्स के द्वारा 30 सितंबर को भोपाल में किए गए शक्ति प्रदर्शन से सरकार घबरा गई । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के लोग माई के लालों से सीधे न लड़ते हुए पर्दे के पीछे से वार कर रहे हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाहें उड़ा कर मप्र की भोली—भाली जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। यह काम भाजपा सरकार का है | पिछले 15 साल से करती आ रही है। लेकिन भाजपा के इस कुत्सित प्रयास को आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता नकार देगी।

बता दे कि भोपाल, दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर सपाक्स संगठन ने अपने को राजनीतिक पार्टी बताते हुए इसकी घोषणा कर दी है। सपाक्स विधानसभा चुनाव में सभी 230 विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी प्रत्याशी मैदान में होंगे। सपाक्स के संरक्षक और पूर्व सूचना आयुक्त डॉ. एचएल त्रिवेदी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया ।वही पूर्व आईएएस वीणा घाणेकर, पूर्व आईपीएस विजय वाते, पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ केएल साहू और राजीव खंडेलवाल को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया । डिप्लोमा इंजीनियर्स एसो. के पूर्व प्रांताध्यक्ष पीएस परिहार को पार्टी का संयोजक , सुरेश तिवारी संगठन महासचिव और हरिओम गुप्ता को कार्यालय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई । सपाक्स विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी दोनों का खेल बिगाड़ सकती है। सपाक्स के मैदान में उतरने का ज्यादा नुकसान बीजेपी को झेलना पड़ सकता है। क्योंकि पार्टी लोगों से बीजेपी को वोट ना देने की अपील कर रही है। सामान्य वर्ग एससी/एसटी एक्ट और प्रमोशन में आरक्षण जैसे मुद्दों पर पहले से ही बीजेपी से नाराज चल रहा है और हाल ही में एससी/एसटी एक्ट के विरोध का व्यापक असर भी मध्यप्रदेश झेल रहा है।

Yogesh Dwivedi October 4, 2018 6:07 am

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