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पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में नहीं आ सकते, राज्य इसके लिये तैयार नहीं होंगे : राजीव कुमार

June 26th, 2018 at 7:54 am by Ayush Rawal

राजीव कुमार ने कहा, “ऐसा करने का अच्छा तरीका यह है कि पहले पेट्रोलियम उत्पादों का कर घटाया जाए.
क्यों कि पेट्रोल पर राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा लगाया गया कर इस समय तकरीबन 90 फीसदी है. राजीव कुमार ने कहा, “मेरा मानना हे कि कोई राज्य इतनी बड़ी कटौती के लिए तैयार नहीं होगा, क्योंकि जीएसटी के तहत अधिकतम कर 28 फीसदी है. इसके लिए जीएसटी की एक नई पट्टी बनानी पड़ेगी, जिसके लिए बड़ी कवायद करनी पड़ेगी.” हालांकि सभी मदों को नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के तहत लाने का समर्थन करते हुए कुमार ने कहा कि जो लोग इसे जीएसटी के दायरे में लाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने अभी इस तरह से विचार नहीं किया है. उन्होंने कहा, “ऐसा करने का बेहतर तरीका यह है कि पहले पेट्रोलियम उत्पादों पर कर घटाए, जैसा कि मैंने कई बार सार्वजनिक तौर पर कहा है. राज्य सरकारें इस पर वैट (मूल्यवर्धित कर) लगाती हैं, जिसमें कीमत बढ़ने पर फायदा होता है. इसका राष्ट्रीयकरण करने की जरूरत है.” उन्होंने आगे कहा, “राज्यों को खासतौर से इसपर कर घटाना चाहिए.”

Ayush Rawal June 26, 2018 7:54 am

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