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टिकट के लिए बना रहे दबाव हारे हुए ये मंत्री बने बीजेपी के लिए मुसीबत

October 17th, 2018 at 6:20 am by Yogesh Dwivedi

बीजेपी ने अभी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी लिस्ट जारी नहीं की है। अभी उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा चल रही है। पार्टी जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश कर रही है। लेकिन लिस्ट के आने से पहले ही पिछले विधानसभा चुनाव में हारे हुए मंत्री पार्टी के लिए मुसीबत बने हुए है। 2013 के विधानसभा चुनाव में मोदी लहर को बावजूद मध्य प्रदेश के दस मंत्रियों को हार का मुंह देखना पड़ा था। अब यह हारे हुए मंत्री पार्टी से इस बार फिर टिकट की मांग कर रहे हैं। इनमें  से जगन्नाथ सिंह की मृत्यु हो चुकी है, जबकि बाकि 9 हारे हुए मंत्री टिकट के लिए कई हथकंडे आजमा रहे हैं। जिससे पार्टी भारी टेंशन में है।

इन विधानसभा सीट से कर रहे टिकट की मांग

विधानसभा से हरिशंकर खटीक टिकट की मांग कर रहे हैं। खटीक पिछले चुनाव में 233 वोटों से हारे थे। उनके धुर विरोधी तत्कालीन कांग्रेस विधायक दिनेश अहिरवार थे। हालांकि, बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था  । खटीक को टिकट मिलने की प्रबल संभावना है क्योंकि वह बहुत कम अंतर से चुनाव हारे थे। पूर्व मंत्री करण सिंह वर्मा इछावर विधानसभा सीट पर 744 वोटों से हारे थे। वह भी टिकट की जुगत में पूरी तरीके से लगे हुए है, सूत्रों का कहना है उनको टिकट मिलने की पूरी संभावना है। वहीं, हरेंद्र जीत सिंह बब्बू पिछला चुनाव जबलपुर पश्चिम से 923 वोटों से हारे थे। उनको भी बीजेपी इस बार फिर मैदान में उतार सकती है।

मुरैना सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री के भतीजे अनूप मिश्रा भी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछला चुनाव भितरवार विधानसभा पर  6548 वोटों से हारे थे। मिश्रा इस बार भितरवार या फिर ग्वालियर पश्चिम से टिकट मांग रहे हैं। पूर्व मंत्री अजय विश्नोई पाटन विधानसभा से 12 हजार वोटों से हारे । वह इस बार जबलपुर से चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने इस संबंध में हाल ही में सीएम शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की । लेकिन चुनाव समिति उनको टिकट देने के पक्ष में नहीं है। रामकृष्ण कुसमरिया ने पिछला चुनाव राजगढ़ विधानसभा से लड़ा था। लेकिन वह इस सीट पर 8 हजार वोट से हारे थे। कुसमरिया इस बार दमोह जिले की पथरिया विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के नेता उन्हें टिकट नहीं देना चाहते।

बामोरी विधानसभा से पिछले चुनाव में बीजेपी के के.एल. अग्रवाल को करीब 18 हजार वोट से हार का सामना करना पड़ा था। टिकट पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। लेकिन पार्टी उनको भी अपना उम्मीदवार घोषित करना नहीं चाहती। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के सहारे टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। विधानसभा पवई से ब्रिजेंद्र प्रताप सिंह करीब 11 हजार वोटों से हारे थे। सिंह भी इस बार पवई या फिर पन्ना से टिकट की मांग कर रहे हैं। वह लगातार मंत्री तोमर और प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को खुश करने का प्रयास कर रहे हैं।

Yogesh Dwivedi October 17, 2018 6:20 am

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