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‘सपाक्स’ की राजनीतिक पार्टी का ऐलान, 230 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

October 3rd, 2018 at 11:24 am by Ayush Rawal

मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाला विधानसभा चुनाव आने ही वाला है | मुख्य राजनीतिक दल बीजेपी-कांग्रेस के अलावा इस बार कई छोटे दल भी मैदान में उतरेंगे| वहीं सामान्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज संगठन ने आज राजधानी भोपाल में राजनीतिक पार्टी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है। साथ ही सपाक्स समाज ने प्रदेश कार्यकारिणी का भी ऐलान कर दिया है। पूर्व आईएएस अधिकारी हीरालाल त्रिवेदी को राजनीतिक सपाक्स पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया | पार्टी में 4 उपाध्यक्ष की भी नियुक्ति की गई है| ई.पी.एस परिहार को संयोजक और सुरेश तिवारी को संगठन महासचिव बनाया गया है| चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद चुनाव चिन्ह मिलने की बारी है | सपाक्स के संरक्षण हीरालाल त्रिवेदी ने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जल्द ही प्रत्याशियों के नामों का ऐलान भी कर दिया जाएगा। त्रिवेदी आज राजधानी में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सपाक्स समाज आरक्षण और पिछड़ें का विरोधी नहीं । जो पिछड़े हैं उन्हें आगे लाने के लिए आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन यह जाति या धर्म के आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार पर होना चाहिए। जिन्हें एक बार आरक्षण मिल गया उन्हें फिर से नहीं मिलना चाहिए। एससी-एसटी में एक विशेष वर्ग आरक्षण का लाभ ले रहा है, जबकि पिछड़ों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार से हम 2 साल से मांग कर रहे हैं। अब राजनीतिक दल के रूप में ही हम इस व्यवस्था को सुधारेंगे। सपाक्स समाज लोकसभा चुनाव भी लड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के पंजीयन का मामला चुनाव आयोग में लंबित है। यदि चुनाव से पहले पंजीयन नहीं होता तो भी सपाक्स पार्टी चुनाव लड़ेगी। सपाक्स का चुनाव लड़ना भाजपा- कांग्रेस दोनों दलों को झटका माना जा रहा है।लेकिन इस वक्त कांग्रेस से ज्यादा नुकसान भाजपा को बताया जा रहा है।
सपाक्स संस्था सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था मध्य प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों का संगठन है।चुनाव में सपाक्स का मुख्य मुद्दा एससी-एसटी एक्ट और पदोन्नति मे आरक्षण का है। दो दिन पहले राजधानी भोपाल में एससी-एसटी को लेकर सवर्णों ने शिवराज सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया । इस आंदोलन से सवर्णों ने हुंकार भरी और ऐलान किया कि वह मध्यप्रदेश से शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकेंगे और विधानसभा से लेकर लोकसभा तक अपने प्रतिनिधि भेजेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे सपाक्स ने सियासत के अखाड़े में बीजेपी-कांग्रेस को चुनौती दे दी है। सपाक्स को करणी सेना समेत कई और संगठनों का समर्थन भी मिला। उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि सपाक्स इस विधानसभा चुनाव में अपना खाता खोल सकती है। सपाक्स की सियासत मजबूत पार्टियों के लिए आखिर कितनी मुश्किल पैदा करेगी ये आने वाला वक्त ही बताएगा।

Ayush Rawal October 3, 2018 11:24 am

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