15 जिलों में खाता भी नहीं खोल पाई थी कांग्रेस, इस बार ये है इस बार ये है हालात
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15 जिलों में खाता भी नहीं खोल पाई थी कांग्रेस, इस बार ये है इस बार ये है हालात

November 24th, 2018 at 7:19 am by Yogesh Dwivedi

मध्यप्रदेश में 15 साल से सत्ता में काबिज भाजपा और सत्ता वापसी का इन्तजार कर रही कांग्रेस के बीच इस बार कड़ा मुकाबला है| दोनों ही दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और अपनी जीत का दावा कर रहे है| लेकिन दोनों ही दलों के लिए बड़ी इस बार चुनौतियां हैं, जिनसे पार पाना आसान नहीं होगा | दोनों ही पार्टियों ने अपने मजबूत और जिताऊ चेहरों को मैदान में उतारा है, लेकिन बीजेपी के कब्जे वाली 15 जिलों की सीटों को जीतना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती होगी, वहीं भाजपा के लिए भी इस बार इन सीटों पर कंजा बनाये रखना आसान नहीं होगा |

इन 15 जिलों में कुल 59 विधानसभा सीटें हैं। 2013 के चुनाव में इन जिलों की दो सीटों को छोड़कर सभी भाजपा ने जीती थीं। मुरैना की दो सीटों पर बसपा के प्रत्याशी जीत दर्ज करने में कामयाब हुए थे। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का खाता इन जिलों में नहीं खुला था, जबकि ये क्षेत्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव वाले माने जाते हैं। रोचक बात तो यह है कि 2008 के चुनाव में भी उमरिया, होशंगाबाद, आगर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, दतिया जिले में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को बीजेपी के कब्जे का यह किला ध्वस्त करना बहुत जरुरी है| यही कारण है कि इन सीटों में सेंध लगाने के लिए मजबूत और जिताऊ कैंडिडेट और बीजेपी से बागी नेताओं को मौक़ा दिया है|

 

इन सीटों पर हुआ सफाया  

मुरैना की बात करें तो यहां छह सीटें हैं और इस वक्त चार पर भाजपा काबिज है और दो बसपा के पास हैं। 2008 में दो-दो सीटें भाजपा, कांग्रेस और बसपा के पास थीं। दतिया की तीनों सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि 2008 में एक बसपा ने जीती थी। बैतूल की पांचों सीटें भाजपा के पास हैं। 2008 में कांग्रेस ने यहां की दो सीटों पर बाजी मारी थी। 2008 में रायसेन की चार सीटों में दो कांग्रेस, एक भाजश और मात्र एक भाजपा के पास थी, लेकिन 2013 में सभी चारों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। उज्जैन की सातों सीटें भाजपा ने जीती हैं। इनमें से चार 2008 में भी भाजपा के पास थीं। रतलाम की पांच में से चार सीटें 2008 में कांग्रेस व निर्दलीय के पास थीं, लेकिन 2013 में सभी सीटों पर भाजपा के कब्जे में आ गईं। नीमच और शाजापुर सातों सीटों पर भाजपा विधायक हैं।

 

Yogesh Dwivedi November 24, 2018 7:19 am

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