इनको टिकट मिलना तय, 100 सीटों पर कांग्रेस में बनी सहमति
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MP की इन सीटों पर 25 साल से कांग्रेस को जीत की उम्मीद, दिग्गज भी यहां हारें हैं चुनाव

October 1st, 2018 at 5:54 am by Yogesh Dwivedi

मध्यप्रदेश में कांग्रेस बीते 15 साल से सत्ता का वनवास झेल रही है। 100 पुरानी पार्टी प्रदेश में 2003 से हाशिए पर है। एमपी में कांग्रेस बीते 25 साल से 25 सीटों पर जीत के लिए तरस खा रही है। बीते पांच विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 25 सीटों पर चार बार हार चुकी है, जबकि अन्य  51 सीटों पर तीन बार कांग्रेस उम्मीदवारों को जनता नकार चुकी है । इन सीटों पर कांग्रेस ने हर तरह का गणीत आजमाकर देख लिया लेकिन जीत के मंत्र यहां हर तरफ से फेल हो गए।

1993 से लेकर 2013 के बीच एमपी में पांच विधानसभा चुनाव हुए । इस दौरान कांग्रेस की जमीन बीते दो दशक में ज्यादा खिसकी नज़र आई है । प्रदेश में आखिरी बार कांग्रेस सत्ता में 1993 में आई थी। जब दिग्विजय सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार को एक दशक तक चलाया। लेकिन तब भी कांग्रेस प्रदेश के 17 जिलों की इन 25 सीटों पर जीत हासिल नहीं कर सकी और आज भी जीत के लिए इन सीटों पर आंखे टिकाए है।

इन 25 सीटों पर लगा है कांग्रेस के लिए ग्रहण

अंबह (मुरैना जिला); मेहगांव (भिंड); अशोकनगर (अशोकनगर); रेहली और सागर (सागर); पोहरी और शिवपुरी (शिवपुरी); महाराजपुर (छतरपुर); जबलपुर छावनी (जबलपुर); बरघाट और सिवनी (सिवनी); दमोह (दमोह); रायगांव और रामपुर बाघेलन (सतना); त्योंथर और देवतालाब (रीवा); सोहागपुर (होशंगाबाद); गोविंदपुरा (भोपाल); विदिशा (विदिशा); आष्ट और सीहोर (सीहोर); हरसूद और खंडवा (खांडवा) और इंदौर -2 और इंदौर -4 (इंदौर)।

इन सीटों पर कांग्रेस ने हर तरीके से जतन करके देख लिया लेकिन इन पर आज तक उसे जीत नहीं मिल पायी। भिंड से कांग्रेस ने हरिसिंह नरवरिया को तीन बार मैदान में उतारा लेकिन वह एक बार भी यहां से कांग्रेस को जीत दिलाने में कामयाब न हो हुए। कांग्रेस ने 1998 में शिवपुरी से हरी वल्लभ शुक्ला को मैदान में उतारा था। लेकिन उन्हें वहां से भी हार का सामना करना पड़ा। लेकिन जब उन्होंने सीट से 2003 में समानता दल से चुनाव लड़ा तो वह जीत गए। इसी तरह 1998 में रीवा की सिरमौर सीट से कांग्रेस ने राजमणी पटेल को उम्मीदवार घोषित किया । पटेल इस सीट पर  17,897 वोटों के अंतर से जीते थे। बाद के चुनाव में पटेल ने दोबारा जीत हासिल नहीं की। कांग्रेस इस बार के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर यहां पूरा जोर लगाती दिख रही है।

 

Yogesh Dwivedi October 1, 2018 5:54 am

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